मेरी चूत को खुदा समझने लगे. XXX Hindi बहुत दर्द होता है ! मैं चिहुक गयी. मेरे मुह से निकल गया.तो क्या तुम भी मुझको पसंद करती हो ?? बहुत दर्द हो रहा था. उनको पूरी आजादी दे दी. दोस्तों, मैं तो अपने सर से ही फस गयी थी. मस्ती से मेरी चूत पी रहें थे. सर ने बिना एक सेकंड बताए मुझको बाहों में भर लिया. आऊ!! मेरी गुलाबी रंग की कुर्ती काफी चुस्त थी, जिसमे मेरे मम्मे साफ साफ झलक रहे थे.मैंने एक झीना दुपट्टा भी डाल रखा था. सर! या साफ साफ करू मुझको चोदना चाहता था.सर ने भी मुझको एक बार निचे से उपर तक देखा. सर के हाथ अब मेरे मम्मो पर आ पहुचे. मैं उनके पास गयी. अपना मुंह मेरी बुर पर ऐसा रख दिया जैसे पूजा करने वाला आदमी दरगाह पर अपना मत्था टेक देता है. बहुत अच्छा पढाते है. बस ऊपर उठा दी. दोस्तों, शुक्ला सर के लिए तो आज मेरी कमसिन १८ साली की चूत किसी दरगाह से कम नही थी.शुक्ला सर मेरा बुरपान और चूतपान करने लगे. सर ने मेरी नीली स्किर्ट नही उतारी. शुक्ला सर बोले. नही सर, वो बात नही है !!















