मुझको भी मजा मिलने लगा. फिर अपना पहलवान लंड मेरी चूत के द्वार पर रखा और जोर से धक्का दिया. XXX Hindi सर! सर तो बिलकुल पागल हो रहे थे. सर बोले.मैंने अपने कपड़े ठीक किये. और मैं अपनी चूत में ऊँगली करने लगी. दोस्तों, बस यही मेरा दिल कह रहा था.मैंने शर्म से अपनी आँखें बंद कर ली. दोस्तों, मेरी चीख घुट गयी. या साफ साफ करू मुझको चोदना चाहता था.सर ने भी मुझको एक बार निचे से उपर तक देखा. मैंने भी कोई ऐतराज नही किया. सर ने बिना एक सेकंड बताए मुझको बाहों में भर लिया. मैं शाम ६ बजे उनके घर पर पहुच गयी. दूसरी तरह मेरी चूत पानी पानी हो गयी.सर अब मुझको चोदो!! मैंने भी कह दिया. एक बार पुलिस उनको इसी सब मामले में पकड़ भी चुकी थी.पर जादातर लोग कहते थे की अगर कोई लड़का शुक्ला शुक्ला सर से पढ़ ले तो उसको अच्छे नम्बरों से पास होना पक्का है. मैं उनके पास गयी. मैंने लाल सूती पैंटी पहन रखी थी. दोस्तों, मैं तो अपने सर से ही फस गयी थी. सर मेरे रसीले होंठ पीने लगे. सर बोले.सर मैं आपको १ हजार तो आराम से दे दूंगी मैंने कहा.शाम को घर आ जाओ काजल!! इसलिए तुमको पसंद नहीं??















