तो उसने मुझे पकड़ लिया और मेरे होठो को चूसने लगी।मैंने बोला चाची ये आप क्या कर रही हैं? हिंदी XXX मेरी जुबान बंद थी मैंने बस ना बोला और वह से भाग गया।अपने रूम में आते ही मैंने दरवाजा भी बंद नहीं किया और बेड पर लेट कर मुठ मरने लगा। उसकी आधे नंगे बदन ने मुझे मदहोश कर दिया और मैं बिना किसी डर के अपने रूम में मुठ मार रहा था। मुझे पता नहीं चला कब चाही आ गयी मेरे रूम में और मुझे मुठ मरते हुए देखने लगी।वो मेरे झड़ने का इंतज़ार कर रही थी खड़े होकर और झड़ते ही बोली गौरव अगर हो गया हो तो चलो खाना खा लेते हैं। उन्हें अपने रूम में देख कर मेरे पसीने छूटने लगे। वो मेरे पास आयी और बोली तेरी गलती नहीं है गौरव इस उम्र में सबके साथ होता है ऐसा। पर बढीया होगा कि तू अपना रस बर्बाद न कर, किसी की चूत में डाल।यहाँ पर भी मैं डरता रहा और कुछ नहीं बोल पाया। चाची समझ गयी मैं डर रहा हूँ तो मेरे बालों में हाथ फेर कर बोली चल बाकि बातें बाद में करेंगे खाना खा लेते हैं। में खाना खाने तो चला गया पर मेरे मुँह से एक शब्द नहीं निकला। इतने में चाचा जी ने बोला कि शोभा को धर्मशाला घूमने जाना है। शोभा मेरी















