ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अमजद 25मिनट से मुझे बिना रुके चोद रहा था मैं तीन बार झड़ चुकी थी हम दोनो पसीने से भीग गए थे फिर अमजद लंबी सांस लेते हुए मेरे उपर ही गिर गया उसके लन्ड से वीर्य की पिचकारियां निकल कर मेरी बच्चेदानी में भरने लगी उसके हम दोनो एक दूसरे से लिपट गए.वो बोला मेरी जान मजा आया मेने कहा हां बहुत आया उसके बाद उसने उस रात मुझे दो बार और चोदा कभी घोड़ी बना कर तो कभी अपने लन्ड पर बिठा कर मुझे उछाल कर फिर सुबह वो बोला अब बताओ करोगी मुझसे शादी नही करोगी तो कोई जबरदस्ती नहीं है मैं तुमको दुबारा नहीं मिलूंगा तो मैंने कहा हां करूंगी मेने कब मना किया है लेकिन यहां कहीं दूर चलते हैं और वहां जा कर शादी करेंगे कियोकी यहां मुझे सब जानते है वो बोला ठीक हे मेने कहा मुझे थोड़ा वक्त दो फिर मेने यहां की सारी प्रोपर्टी बैच दी.घर मेरे नाम पर था कुछ सेविंग भी थी सारी जमा पूंजी लेकर में अमजद के साथ mp के ग्वालियर में शिफ्ट हो गई फिर मैंने इस्लाम कबूल कर लिया और अमजद से निकाह कर लिया अपना नाम सबीना रख लिया फिर मैं और अमजद रोज चुदाई करते अलग अलग तरीके से हम दोनों bdsm सेक्स भी करते















