बस उनका इन्तजार ही कर रहा था. हिंदी XXX धीरे से, जादा निशान पड़ गए तो कमलेश पूछने लग जाएगा!!भाभी बोली. भाभी और मैं दोनों गहरी गहरी साँस भरने लगे.देवर जी ! जब एक दिन मैं मूतने के लिए गया तो मैंने अपनी बालकनी से उसे पेटीकोट ब्लाउज में देखा. वो मेरे घर में आई और उन्होंने मेरी माँ को सब बताया. उनके दोनों घुटने मैंने उनके पेट से चिपका दिए. दोनों ने घर बना लिया. अगर किसी ने देख लिया तो तुम नही जानते की कितना बड़ा बखेडा खड़ा हो जाएगा भाभी बोली.भाभी! मेरा नाम पंकज है. मैं अपनी खिडकी के कांच के पीछे से बड़ी देर तक उसे घूरने लगा. मैं उनके उपर लेट गया था. मेरे पिताजी २ भाई है. वो बिल्कुल देहाती लड़की थी.शादी के बाद वो सबसे पहले उठ जाती और ब्लाउज पेटीकोट में ही मंजन करने लग जाती. उनका बदन सच में बड़ा कमाल का था. चल अच्छा. मेरी किस्मत आज बहुत अच्छी थी.नंगी नंगी भाभी भी देखने को पा गया और उनकी चूत भी मैं पा गया. शुरू शुरू में तो उसने बड़ा भाव खाया पर जब एक दिन कमलेश से उसे किसी बात पर पीटा.तो अगले दिन ही मेनका भाभी मुझसे पट गयी.















