…अई..अई..अई….अई..मम्मी…..” मैं चिल्ला रही थी। पर रोशन जैसे आज मेरा भोसड़ा देखकर बिलकुल पगला ही गया था।“ओह्ह भाभी, तुम्हारे जैसी हसीन औरत मैंने आजतक नही देखी” रोशन बार बार कह रहा था और मेरी बुर को बड़ी मेहनत से चाट रहा था। मैंने उसपे सर पर अपना हाथ रख दिया था और दोनों टांगे मैंने फैला ली थी।दूसरी तरह उत्तम (रिश्ते में मेरा जेठ) मेरे मम्मे चूसने में डूबा हुआ था। उसके चूसने से मेरे शरीर में अजीब से तरंगे दौड़ रही थी। मुझे सेक्स का नशा चढ़ने लगा था। अब मुझे भी ये सब बहुत अच्छा लग रहा था। इसी बीच रोशन ने अपना पूरा हाथ ही मेरी चूत में डाल दिया। मेरी तो जैसे गांड ही फट गयी।उस नामुराद ने अपने हाथ की मुठ्टी ही मेरे भोसड़े में डाल दी। और अंदर बाहर करने लगा। मेरी तो जैसे जान ही निकल रही थी। बड़ी देर तक मेरा देवर रोशन मेरी चूत में मुट्ठी डालकर अंदर बाहर करता रहा। मेरी चूत उसके हाथ डाल देने से फैलकर बहुत बड़ी हो गयी थी।रोशन ने मेरे जिस्म से साथ जी भरकर १ घंटे तक खिलवाड़ किया। फिर उसने अपना ८” का मोटा लंड मेरी चूत पर रखा और ताड़ से अंदर धक्का मारा। उनका बांस जैसा ८ इंची लंड मेरे भोसड़े में अंदर गच्च से उतर गया और वो मुझे चोदने लगा।मैं किसी















